
पटना: बिहार की राजधानी में शुक्रवार रात हुए चर्चित उद्योगपति गोपाल खेमका हत्याकांड में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने न केवल हत्या को अंजाम देने वाले शूटर उमेश यादव उर्फ विजय को गिरफ्तार किया है, बल्कि इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड अशोक साह को भी दबोच लिया है। अशोक साह एक बिल्डर है और उसने ही खेमका की हत्या के लिए 3.5 लाख रुपये की सुपारी दी थी।
🧠 मास्टरमाइंड: अशोक साह – पेशा बिल्डर, साजिशकर्ता
पुलिस जांच में सामने आया है कि बिल्डर अशोक साह की गोपाल खेमका से किसी कारोबारी विवाद या निजी रंजिश के चलते अनबन थी। इसी वजह से उसने उमेश यादव को सुपारी देकर खेमका की हत्या करवाई।
🔫 शूटर उमेश यादव की गिरफ्तारी और बरामदगी
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शूटर उमेश यादव को पटना सिटी इलाके से गिरफ्तार किया गया।
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उमेश ने स्वीकार किया कि उसने सिर में एक ही गोली मारकर खेमका की हत्या की।
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पुलिस ने उमेश की निशानदेही पर:
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घटना के समय पहने गए कपड़े
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हत्या में इस्तेमाल की गई स्कूटी और पिस्टल
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करीब तीन लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
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🕵️♂️ एसटीएफ और एसआईटी की संयुक्त कार्रवाई
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गिरफ्तारी एसटीएफ (विशेष कार्यबल) और एसआईटी (विशेष जांच दल) की संयुक्त टीम ने की।
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इन टीमों ने हाजीपुर और पटना सिटी में कैंप किया और संदिग्धों से पूछताछ की।
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कोतवाली इलाके के उदयगिरी अपार्टमेंट में छापेमारी की गई, जहां से दो और लोगों को हिरासत में लिया गया।
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बेउर जेल में बंद एक अन्य आरोपी से भी पूछताछ हुई।
🕵️♀️ फुटेज से पहचान, पुलिस ने ऐसे पकड़ा शूटर
हत्या के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। शूटर का चेहरा, चाल-ढाल और हुलिया वीडियो में साफ दिख रहा था। पुलिस ने एक दर्जन से ज्यादा लोगों से पूछताछ की, जिनके हुलिये मेल खाते थे, और अंततः उमेश यादव को पहचानकर पकड़ लिया।
📍 घटना कैसे हुई?
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घटना गांधी मैदान के पास कटारूका निवास के सामने रात 11:30 बजे की है।
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गोपाल खेमका बांकीपुर क्लब से लौटे थे और गेट खुलने का इंतजार कर रहे थे।
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तभी पहले से घात लगाए स्कूटी सवार शूटर ने सिर में गोली मार दी और जेपी गोलंबर के रास्ते फरार हो गया।
📣 पुलिस का बयान
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रेंज आईजी जितेंद्र राणा और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या की गुत्थी लगभग सुलझ चुकी है, और मंगलवार को आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका खुलासा किया जाएगा।
📌 निष्कर्ष
गोपाल खेमका की हत्या एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें कारोबारी रंजिश की झलक मिलती है। पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई ने हत्यारों को बेनकाब कर दिया है। अब सवाल यह है कि क्या सुपारी देने वाले बिल्डर के पीछे और कोई बड़ा नाम छिपा है? क्या यह हत्या अकेली घटना थी या किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा?
👉 जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ेगी, कई और बड़े खुलासों की उम्मीद है।