जस्टिस वर्मा के खिलाफ लोकसभा में महाभियोग का प्रस्ताव मंजूर, स्पीकर ओम बिरला ने बनाई कमेटी, सदस्यों के नाम भी घोषित |

Spread the love

Justice Yashwant Varma Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने महाभियोग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

 

justice yashwant verma controversy delhi high court judge home cash found  know what will happen next supreme court investigation | Jansatta

 

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा की कैश कांड मामले में मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. उनके खिलाफ लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने मंगलवार (12 अगस्त) को महाभियोग प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. जानकारी के मुताबिक इस प्रस्ताव पर कुल 146 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के नेता शामिल हैं. लोकसभा स्पीकर ने एक जांच कमेटी भी बनाई है. इस कमेटी में शामिल जजों का नाम भी घोषित कर दिया गया है.

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की बनाई हुई जांच कमेटी में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के एक-एक जज को शामिल किया गया है. वहीं एक कानूनविद को भी कमेटी में शामिल किया गया है. जांच कमेटी की रिपोर्ट आने तक महाभियोग का प्रस्ताव लंबित रहेगा. कमेटी की बात करें तो इसमें सुप्रीम कोर्ट के जज न्यायमूर्ति अरविंद कुमार, कर्नाटक हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट बीबी आचार्य और मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव को शामिल किया गया है.

जस्टिस वर्मा को क्यों हटाने की चल रही है कोशिश

दरअसल इस साल 14 मार्च को जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास में आग लग गई थी. वे तब दिल्ली हाईकोर्ट में थे. जानकारी मिलने के बाद दिल्ली फायर सर्विस की टीम उनके घर पहुंची. फायरब्रिगेड ने आग पर तो काबू पा लिया, लेकिन इसके बाद चौंकाने वाला नजारा देखने को मिला. जस्टिस वर्मा के स्टोर रूम से 500-500 रुपए के जले हुए नोटों के बंडल मिले, जो कि बोरे में भरकर रखे गए थे.

जस्टिस वर्मा का ट्रांसफर 

जस्टिस वर्मा ने कहा था कि उनके घर या स्टोर में नकदी नहीं थी. उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है. इसके बाद 28 मार्च को जस्टिस वर्मा का ट्रांसफर इलाहाबाद हाईकोर्ट में कर दिया गया. 

 

क्या होता है महाभियोग प्रस्ताव 

किसी हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में से किसी में भी महाभियोग प्रस्ताव लाया जा सकता है. महाभियोग प्रस्ताव सबसे पहले राज्यसभा के सभापति या लोकसभा स्पीकर के सामने पेश किया जाता है. फिर प्रस्ताव की जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाता है. इसमें सुप्रीम कोर्ट के जज, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और विशिष्ट विधि विशेषज्ञ को शामिल किया जाता है.

 

 

METRO TIMES

Posted on 12th August 2025

Latest Post